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फरहा नाज़ शनि साढ़ेसाती रिपोर्ट

नाम फरहा नाज़
जन्म तिथि 9 : 12 : 1968 जन्म समय 12 : 0 : 0
जन्म स्थान Hyderabad
लिंग स्त्री तिथि चतुर्थी
राशि कर्क नक्षत्र पुष्य
क्र.सं साढ़ेसाती / पनौती शनि राशि आरंभ दिनांक अंत दिनांक चरण
1 साढ़े साती मिथुन 06/11/1973 07/23/1975 उदय
2 साढ़े साती कर्क 07/24/1975 09/06/1977 शिखर
3 साढ़े साती सिंह 09/07/1977 11/03/1979 अस्त
4 साढ़े साती सिंह 03/15/1980 07/26/1980 अस्त
5 छोटी पनौती तुला 10/06/1982 12/20/1984
6 छोटी पनौती तुला 06/01/1985 09/16/1985
7 छोटी पनौती कुम्भ 03/06/1993 10/15/1993
8 छोटी पनौती कुम्भ 11/10/1993 06/01/1995
9 छोटी पनौती कुम्भ 08/10/1995 02/16/1996
10 साढ़े साती मिथुन 07/23/2002 01/08/2003 उदय
11 साढ़े साती मिथुन 04/08/2003 09/05/2004 उदय
12 साढ़े साती कर्क 09/06/2004 01/13/2005 शिखर
13 साढ़े साती मिथुन 01/14/2005 05/25/2005 उदय
14 साढ़े साती कर्क 05/26/2005 10/31/2006 शिखर
15 साढ़े साती सिंह 11/01/2006 01/10/2007 अस्त
16 साढ़े साती कर्क 01/11/2007 07/15/2007 शिखर
17 साढ़े साती सिंह 07/16/2007 09/09/2009 अस्त
18 छोटी पनौती तुला 11/15/2011 05/15/2012
19 छोटी पनौती तुला 08/04/2012 11/02/2014
20 छोटी पनौती कुम्भ 04/29/2022 07/12/2022
21 छोटी पनौती कुम्भ 01/18/2023 03/29/2025
22 साढ़े साती मिथुन 05/31/2032 07/12/2034 उदय
23 साढ़े साती कर्क 07/13/2034 08/27/2036 शिखर
24 साढ़े साती सिंह 08/28/2036 10/22/2038 अस्त
25 साढ़े साती सिंह 04/06/2039 07/12/2039 अस्त
26 छोटी पनौती तुला 01/28/2041 02/05/2041
27 छोटी पनौती तुला 09/26/2041 12/11/2043
28 छोटी पनौती तुला 06/23/2044 08/29/2044
29 छोटी पनौती कुम्भ 02/25/2052 05/14/2054
30 छोटी पनौती कुम्भ 09/02/2054 02/05/2055
31 साढ़े साती मिथुन 07/11/2061 02/13/2062 उदय
32 साढ़े साती मिथुन 03/07/2062 08/23/2063 उदय
33 साढ़े साती कर्क 08/24/2063 02/05/2064 शिखर
34 साढ़े साती मिथुन 02/06/2064 05/09/2064 उदय
35 साढ़े साती कर्क 05/10/2064 10/12/2065 शिखर
36 साढ़े साती सिंह 10/13/2065 02/03/2066 अस्त
37 साढ़े साती कर्क 02/04/2066 07/02/2066 शिखर
38 साढ़े साती सिंह 07/03/2066 08/29/2068 अस्त
39 छोटी पनौती तुला 11/05/2070 02/05/2073
40 छोटी पनौती तुला 03/31/2073 10/23/2073
41 छोटी पनौती कुम्भ 04/12/2081 08/02/2081
42 छोटी पनौती कुम्भ 01/07/2082 03/19/2084

शनि साढ़े साती: उदय चरण

यह शनि साढ़े साती का आरम्भिक दौर है। इस दौरान शनि चन्द्र से बारहवें भाव में स्थित होगा। आम तौर पर यह आर्थिक हानि, छुपे हुए शत्रुओं से नुक़सान, नुरुद्देश्य यात्रा, विवाद और निर्धनता को दर्शाता है। इस कालखण्ड में फरहा नाज़ को गुप्त शत्रुओं द्वारा पैदा की हुई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों से संबंध अच्छे नहीं रहेंगे और वे फरहा नाज़ के कार्यक्षेत्र में बाधाएँ खड़ी कर सकते हैं। घरेलू मामलों में भी फरहा नाज़ को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके चलते तनाव और दबाव की स्थिति पैदा होगी। फरहा नाज़ को अपने ख़र्चों पर नियन्त्रण करने की आवश्यकता है, अन्यथा फरहा नाज़ अधिक बड़े आर्थिक संकट में फँस सकते हैं। इस दौरान लम्बी दूरी की यात्राएँ फलदायी नहीं रहेंगी। शनि का स्वभाव विलम्ब और तनाव पैदा करने का है। हालाँकि अन्ततः फरहा नाज़ को परिणाम ज़रूर मिलेगा। इसलिए धैर्य रखें और सही समय की प्रतीक्षा करें। इस दौर को सीखने का समय समझें और कड़ी मेहनत करें, परिस्थितियाँ स्वतः सही होती चली जाएंगी। इस समय व्यवसाय में कोई भी बड़ा ख़तरा या चुनौती न मोल लें।

शनि साढ़े साती: शिखर चरण

यह शनि साढ़े साती का चरम है। प्रायः यह दौर सबसे मुश्किल होता है। इस समय चन्द्र पर गोचर करता हुआ शनि स्वास्थ्य-संबंधी समस्या, चरित्र-हनन की कोशिश, रिश्तों में दरार, मानसिक अशान्ति और दुःख की ओर संकेत करता है। इस दौरान फरहा नाज़ सफलता पाने में कठिनाई महसूस करेंगे। फरहा नाज़ को अपनी कड़ी मेहनत का परिणाम नहीं मिलेगा और ख़ुद को बंधा हुआ अनुभव करेंगे। फरहा नाज़ की सेहत और प्रतिरक्षा-तन्त्र पर्याप्त सशक्त नहीं होंगे। क्योंकि पहला भाव स्वास्थ्य को दर्शाता है इसलिए फरहा नाज़ को नियमित व्यायाम और अपनी सेहत का ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है, नहीं तो फरहा नाज़ संक्रामक रोगों की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही फरहा नाज़ को मानसिक अवसाद और अज्ञात भय या फ़ोबिया आदि का सामना भी करना पड़ सकता है। संभव है कि इस काल-खण्ड में फरहा नाज़ की सोच, कार्य और निर्णय करने की क्षमता में स्पष्टता का अभाव रहे। संतोषपूर्वक परिस्थितियों को स्वीकार करना और मूलभूत काम ठीक तरह से करना फरहा नाज़ को इस संकट की घड़ी से निकाल सकता है।

शनि साढ़े साती: अस्त चरण

यह शनि साढ़े साती का अन्तिम चरण है। इस समय शनि चन्द्र से दूसरे भाव में गोचर कर रहा होगा, जो व्यक्तिगत और वित्तीय मोर्चे पर कठिनाइयों को इंगित करता है। साढ़े साती के दो मुश्किल चरणों से गुज़रने के बाद फरहा नाज़ कुछ राहत महसूस करने लगेंगे। फिर भी इस दौरान ग़लतफ़हमी आर्थिक दबाव देखा जा सकता है। व्यय में वृद्धि होगी और फरहा नाज़ को इसपर लगाम लगाने की अब भी ज़रूरत है। अचानक हुई आर्थिक हानि और चोरी की संभावना को भी इस दौरान नहीं नकारा जा सकता है। फरहा नाज़ की सोच नकारात्मक हो सकती है। फरहा नाज़ को उत्साह के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। फरहा नाज़ को व्यक्तिगत और पारिवारिक तौर पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो बड़ी परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई-लिखाई पर थोड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें पिछले स्तर पर बने रहने के लिए अधिक परिश्रम की ज़रूरत होगी। परिणाम धीरे-धीरे और प्रायः हमेशा विलम्ब से प्राप्त होंगे। यह काल-खण्ड ख़तरे को भी दर्शाता है, अतः गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी अपेक्षित है। यदि संभव हो तो मांसाहार और मदिरापान से दूर रहकर शनि को प्रसन्न रखें। यदि फरहा नाज़ समझदारी से काम लेंगे, तो घरेलू व आर्थिक मामलों में आने वाली परेशानियों को भली-भांति हल करने में सफल रहेंगे।