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वनमाला शनि साढ़ेसाती रिपोर्ट

नाम वनमाला
जन्म तिथि 22 : 5 : 1915 जन्म समय 16 : 45 : 0
जन्म स्थान Ujjain
लिंग स्त्री तिथि अष्टमी
राशि सिंह नक्षत्र मघा
क्र.सं साढ़ेसाती / पनौती शनि राशि आरंभ दिनांक अंत दिनांक चरण
1 साढ़े साती कर्क 08/02/1916 09/17/1918 उदय
2 साढ़े साती सिंह 09/18/1918 03/14/1919 शिखर
3 साढ़े साती कर्क 03/15/1919 06/02/1919 उदय
4 साढ़े साती सिंह 06/03/1919 11/16/1920 शिखर
5 साढ़े साती कन्या 11/17/1920 02/23/1921 अस्त
6 साढ़े साती सिंह 02/24/1921 08/08/1921 शिखर
7 साढ़े साती कन्या 08/09/1921 10/15/1923 अस्त
8 छोटी पनौती वृश्चिक 01/01/1926 05/13/1926
9 छोटी पनौती वृश्चिक 09/30/1926 12/24/1928
10 छोटी पनौती मीन 02/26/1937 04/27/1939
11 साढ़े साती कर्क 09/23/1945 12/21/1945 उदय
12 साढ़े साती कर्क 06/09/1946 07/26/1948 उदय
13 साढ़े साती सिंह 07/27/1948 09/19/1950 शिखर
14 साढ़े साती कन्या 09/20/1950 11/25/1952 अस्त
15 साढ़े साती कन्या 04/24/1953 08/20/1953 अस्त
16 छोटी पनौती वृश्चिक 11/12/1955 02/07/1958
17 छोटी पनौती वृश्चिक 06/02/1958 11/07/1958
18 छोटी पनौती मीन 04/09/1966 11/02/1966
19 छोटी पनौती मीन 12/20/1966 06/16/1968
20 छोटी पनौती मीन 09/28/1968 03/07/1969
21 साढ़े साती कर्क 07/24/1975 09/06/1977 उदय
22 साढ़े साती सिंह 09/07/1977 11/03/1979 शिखर
23 साढ़े साती कन्या 11/04/1979 03/14/1980 अस्त
24 साढ़े साती सिंह 03/15/1980 07/26/1980 शिखर
25 साढ़े साती कन्या 07/27/1980 10/05/1982 अस्त
26 छोटी पनौती वृश्चिक 12/21/1984 05/31/1985
27 छोटी पनौती वृश्चिक 09/17/1985 12/16/1987
28 छोटी पनौती मीन 06/02/1995 08/09/1995
29 छोटी पनौती मीन 02/17/1996 04/17/1998
30 साढ़े साती कर्क 09/06/2004 01/13/2005 उदय
31 साढ़े साती कर्क 05/26/2005 10/31/2006 उदय
32 साढ़े साती सिंह 11/01/2006 01/10/2007 शिखर
33 साढ़े साती कर्क 01/11/2007 07/15/2007 उदय
34 साढ़े साती सिंह 07/16/2007 09/09/2009 शिखर
35 साढ़े साती कन्या 09/10/2009 11/14/2011 अस्त
36 साढ़े साती कन्या 05/16/2012 08/03/2012 अस्त
37 छोटी पनौती वृश्चिक 11/03/2014 01/26/2017
38 छोटी पनौती वृश्चिक 06/21/2017 10/26/2017
39 छोटी पनौती मीन 03/30/2025 06/02/2027
40 छोटी पनौती मीन 10/20/2027 02/23/2028

शनि साढ़े साती: उदय चरण

यह शनि साढ़े साती का आरम्भिक दौर है। इस दौरान शनि चन्द्र से बारहवें भाव में स्थित होगा। आम तौर पर यह आर्थिक हानि, छुपे हुए शत्रुओं से नुक़सान, नुरुद्देश्य यात्रा, विवाद और निर्धनता को दर्शाता है। इस कालखण्ड में वनमाला को गुप्त शत्रुओं द्वारा पैदा की हुई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों से संबंध अच्छे नहीं रहेंगे और वे वनमाला के कार्यक्षेत्र में बाधाएँ खड़ी कर सकते हैं। घरेलू मामलों में भी वनमाला को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके चलते तनाव और दबाव की स्थिति पैदा होगी। वनमाला को अपने ख़र्चों पर नियन्त्रण करने की आवश्यकता है, अन्यथा वनमाला अधिक बड़े आर्थिक संकट में फँस सकते हैं। इस दौरान लम्बी दूरी की यात्राएँ फलदायी नहीं रहेंगी। शनि का स्वभाव विलम्ब और तनाव पैदा करने का है। हालाँकि अन्ततः वनमाला को परिणाम ज़रूर मिलेगा। इसलिए धैर्य रखें और सही समय की प्रतीक्षा करें। इस दौर को सीखने का समय समझें और कड़ी मेहनत करें, परिस्थितियाँ स्वतः सही होती चली जाएंगी। इस समय व्यवसाय में कोई भी बड़ा ख़तरा या चुनौती न मोल लें।

शनि साढ़े साती: शिखर चरण

यह शनि साढ़े साती का चरम है। प्रायः यह दौर सबसे मुश्किल होता है। इस समय चन्द्र पर गोचर करता हुआ शनि स्वास्थ्य-संबंधी समस्या, चरित्र-हनन की कोशिश, रिश्तों में दरार, मानसिक अशान्ति और दुःख की ओर संकेत करता है। इस दौरान वनमाला सफलता पाने में कठिनाई महसूस करेंगे। वनमाला को अपनी कड़ी मेहनत का परिणाम नहीं मिलेगा और ख़ुद को बंधा हुआ अनुभव करेंगे। वनमाला की सेहत और प्रतिरक्षा-तन्त्र पर्याप्त सशक्त नहीं होंगे। क्योंकि पहला भाव स्वास्थ्य को दर्शाता है इसलिए वनमाला को नियमित व्यायाम और अपनी सेहत का ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है, नहीं तो वनमाला संक्रामक रोगों की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही वनमाला को मानसिक अवसाद और अज्ञात भय या फ़ोबिया आदि का सामना भी करना पड़ सकता है। संभव है कि इस काल-खण्ड में वनमाला की सोच, कार्य और निर्णय करने की क्षमता में स्पष्टता का अभाव रहे। संतोषपूर्वक परिस्थितियों को स्वीकार करना और मूलभूत काम ठीक तरह से करना वनमाला को इस संकट की घड़ी से निकाल सकता है।

शनि साढ़े साती: अस्त चरण

यह शनि साढ़े साती का अन्तिम चरण है। इस समय शनि चन्द्र से दूसरे भाव में गोचर कर रहा होगा, जो व्यक्तिगत और वित्तीय मोर्चे पर कठिनाइयों को इंगित करता है। साढ़े साती के दो मुश्किल चरणों से गुज़रने के बाद वनमाला कुछ राहत महसूस करने लगेंगे। फिर भी इस दौरान ग़लतफ़हमी आर्थिक दबाव देखा जा सकता है। व्यय में वृद्धि होगी और वनमाला को इसपर लगाम लगाने की अब भी ज़रूरत है। अचानक हुई आर्थिक हानि और चोरी की संभावना को भी इस दौरान नहीं नकारा जा सकता है। वनमाला की सोच नकारात्मक हो सकती है। वनमाला को उत्साह के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। वनमाला को व्यक्तिगत और पारिवारिक तौर पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो बड़ी परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई-लिखाई पर थोड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें पिछले स्तर पर बने रहने के लिए अधिक परिश्रम की ज़रूरत होगी। परिणाम धीरे-धीरे और प्रायः हमेशा विलम्ब से प्राप्त होंगे। यह काल-खण्ड ख़तरे को भी दर्शाता है, अतः गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी अपेक्षित है। यदि संभव हो तो मांसाहार और मदिरापान से दूर रहकर शनि को प्रसन्न रखें। यदि वनमाला समझदारी से काम लेंगे, तो घरेलू व आर्थिक मामलों में आने वाली परेशानियों को भली-भांति हल करने में सफल रहेंगे।