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विष्णु नारायण भटकखंड शनि साढ़ेसाती रिपोर्ट

नाम विष्णु नारायण भटकखंड
जन्म तिथि 10 : 8 : 1860 जन्म समय 7 : 53 : 40
जन्म स्थान Walkeshwar
लिंग पुरुष तिथि अष्टमी
राशि मेष नक्षत्र कृत्तिका
क्र.सं साढ़ेसाती / पनौती शनि राशि आरंभ दिनांक अंत दिनांक चरण
1 छोटी पनौती वृश्चिक 01/12/1867 04/25/1867
2 छोटी पनौती वृश्चिक 10/09/1867 01/01/1870
3 छोटी पनौती वृश्चिक 08/14/1870 09/08/1870
4 साढ़े साती मीन 03/07/1878 05/05/1880 उदय
5 साढ़े साती मेष 05/06/1880 12/14/1880 शिखर
6 साढ़े साती मीन 12/15/1880 01/02/1881 उदय
7 साढ़े साती मेष 01/03/1881 06/29/1882 शिखर
8 साढ़े साती वृषभ 06/30/1882 11/20/1882 अस्त
9 साढ़े साती मेष 11/21/1882 03/19/1883 शिखर
10 साढ़े साती वृषभ 03/20/1883 08/19/1884 अस्त
11 साढ़े साती वृषभ 11/24/1884 05/05/1885 अस्त
12 छोटी पनौती कर्क 10/19/1886 11/19/1886
13 छोटी पनौती कर्क 06/19/1887 08/04/1889
14 छोटी पनौती वृश्चिक 11/19/1896 02/22/1899
15 छोटी पनौती वृश्चिक 05/13/1899 11/16/1899
16 साढ़े साती मीन 04/20/1907 10/07/1907 उदय
17 साढ़े साती मीन 01/11/1908 07/08/1909 उदय
18 साढ़े साती मेष 07/09/1909 09/01/1909 शिखर
19 साढ़े साती मीन 09/02/1909 03/18/1910 उदय
20 साढ़े साती मेष 03/19/1910 05/07/1912 शिखर
21 साढ़े साती वृषभ 05/08/1912 06/20/1914 अस्त
22 छोटी पनौती कर्क 08/02/1916 09/17/1918
23 छोटी पनौती कर्क 03/15/1919 06/02/1919
24 छोटी पनौती वृश्चिक 01/01/1926 05/13/1926
25 छोटी पनौती वृश्चिक 09/30/1926 12/24/1928
26 साढ़े साती मीन 02/26/1937 04/27/1939 उदय
27 साढ़े साती मेष 04/28/1939 06/18/1941 शिखर
28 साढ़े साती वृषभ 06/19/1941 12/14/1941 अस्त
29 साढ़े साती मेष 12/15/1941 03/03/1942 शिखर
30 साढ़े साती वृषभ 03/04/1942 08/05/1943 अस्त
31 साढ़े साती वृषभ 12/17/1943 04/23/1944 अस्त
32 छोटी पनौती कर्क 09/23/1945 12/21/1945
33 छोटी पनौती कर्क 06/09/1946 07/26/1948
34 छोटी पनौती वृश्चिक 11/12/1955 02/07/1958
35 छोटी पनौती वृश्चिक 06/02/1958 11/07/1958
36 साढ़े साती मीन 04/09/1966 11/02/1966 उदय
37 साढ़े साती मीन 12/20/1966 06/16/1968 उदय
38 साढ़े साती मेष 06/17/1968 09/27/1968 शिखर
39 साढ़े साती मीन 09/28/1968 03/07/1969 उदय
40 साढ़े साती मेष 03/08/1969 04/27/1971 शिखर
41 साढ़े साती वृषभ 04/28/1971 06/10/1973 अस्त
42 छोटी पनौती कर्क 07/24/1975 09/06/1977

शनि साढ़े साती: उदय चरण

यह शनि साढ़े साती का आरम्भिक दौर है। इस दौरान शनि चन्द्र से बारहवें भाव में स्थित होगा। आम तौर पर यह आर्थिक हानि, छुपे हुए शत्रुओं से नुक़सान, नुरुद्देश्य यात्रा, विवाद और निर्धनता को दर्शाता है। इस कालखण्ड में विष्णु नारायण भटकखंड को गुप्त शत्रुओं द्वारा पैदा की हुई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों से संबंध अच्छे नहीं रहेंगे और वे विष्णु नारायण भटकखंड के कार्यक्षेत्र में बाधाएँ खड़ी कर सकते हैं। घरेलू मामलों में भी विष्णु नारायण भटकखंड को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके चलते तनाव और दबाव की स्थिति पैदा होगी। विष्णु नारायण भटकखंड को अपने ख़र्चों पर नियन्त्रण करने की आवश्यकता है, अन्यथा विष्णु नारायण भटकखंड अधिक बड़े आर्थिक संकट में फँस सकते हैं। इस दौरान लम्बी दूरी की यात्राएँ फलदायी नहीं रहेंगी। शनि का स्वभाव विलम्ब और तनाव पैदा करने का है। हालाँकि अन्ततः विष्णु नारायण भटकखंड को परिणाम ज़रूर मिलेगा। इसलिए धैर्य रखें और सही समय की प्रतीक्षा करें। इस दौर को सीखने का समय समझें और कड़ी मेहनत करें, परिस्थितियाँ स्वतः सही होती चली जाएंगी। इस समय व्यवसाय में कोई भी बड़ा ख़तरा या चुनौती न मोल लें।

शनि साढ़े साती: शिखर चरण

यह शनि साढ़े साती का चरम है। प्रायः यह दौर सबसे मुश्किल होता है। इस समय चन्द्र पर गोचर करता हुआ शनि स्वास्थ्य-संबंधी समस्या, चरित्र-हनन की कोशिश, रिश्तों में दरार, मानसिक अशान्ति और दुःख की ओर संकेत करता है। इस दौरान विष्णु नारायण भटकखंड सफलता पाने में कठिनाई महसूस करेंगे। विष्णु नारायण भटकखंड को अपनी कड़ी मेहनत का परिणाम नहीं मिलेगा और ख़ुद को बंधा हुआ अनुभव करेंगे। विष्णु नारायण भटकखंड की सेहत और प्रतिरक्षा-तन्त्र पर्याप्त सशक्त नहीं होंगे। क्योंकि पहला भाव स्वास्थ्य को दर्शाता है इसलिए विष्णु नारायण भटकखंड को नियमित व्यायाम और अपनी सेहत का ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है, नहीं तो विष्णु नारायण भटकखंड संक्रामक रोगों की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही विष्णु नारायण भटकखंड को मानसिक अवसाद और अज्ञात भय या फ़ोबिया आदि का सामना भी करना पड़ सकता है। संभव है कि इस काल-खण्ड में विष्णु नारायण भटकखंड की सोच, कार्य और निर्णय करने की क्षमता में स्पष्टता का अभाव रहे। संतोषपूर्वक परिस्थितियों को स्वीकार करना और मूलभूत काम ठीक तरह से करना विष्णु नारायण भटकखंड को इस संकट की घड़ी से निकाल सकता है।

शनि साढ़े साती: अस्त चरण

यह शनि साढ़े साती का अन्तिम चरण है। इस समय शनि चन्द्र से दूसरे भाव में गोचर कर रहा होगा, जो व्यक्तिगत और वित्तीय मोर्चे पर कठिनाइयों को इंगित करता है। साढ़े साती के दो मुश्किल चरणों से गुज़रने के बाद विष्णु नारायण भटकखंड कुछ राहत महसूस करने लगेंगे। फिर भी इस दौरान ग़लतफ़हमी आर्थिक दबाव देखा जा सकता है। व्यय में वृद्धि होगी और विष्णु नारायण भटकखंड को इसपर लगाम लगाने की अब भी ज़रूरत है। अचानक हुई आर्थिक हानि और चोरी की संभावना को भी इस दौरान नहीं नकारा जा सकता है। विष्णु नारायण भटकखंड की सोच नकारात्मक हो सकती है। विष्णु नारायण भटकखंड को उत्साह के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। विष्णु नारायण भटकखंड को व्यक्तिगत और पारिवारिक तौर पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो बड़ी परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई-लिखाई पर थोड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें पिछले स्तर पर बने रहने के लिए अधिक परिश्रम की ज़रूरत होगी। परिणाम धीरे-धीरे और प्रायः हमेशा विलम्ब से प्राप्त होंगे। यह काल-खण्ड ख़तरे को भी दर्शाता है, अतः गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी अपेक्षित है। यदि संभव हो तो मांसाहार और मदिरापान से दूर रहकर शनि को प्रसन्न रखें। यदि विष्णु नारायण भटकखंड समझदारी से काम लेंगे, तो घरेलू व आर्थिक मामलों में आने वाली परेशानियों को भली-भांति हल करने में सफल रहेंगे।