दयानंद सरस्वती -1
Feb 12, 1825
20:49:0
Morvi
70 E 42
22 N 50
5.5
765 Notable Horoscopes
संदर्भ (स.)
दयानंद सरस्वती -1 के अन्दर अनेक वांछनीय गुण हैं। प्रथमतः दयानंद सरस्वती -1 काम का आनन्द लेते हैं, दयानंद सरस्वती -1 में अपना काम करने की असीम शक्ति और सामथ्र्य है। दयानंद सरस्वती -1 स दैव सजग रहते हैं। इन सभी गुणों के समागम के कारण दयानंद सरस्वती -1 का दयानंद सरस्वती -1 ने क्रियाक्षेत्र परव्यापक प्रभाव होता है।आश्चर्यजनक रूप से दयानंद सरस्वती -1 अपने काम में व्यावहारिक हैं, दयानंद सरस्वती -1 में छोटी-छोटी बातों को याद रखने का अद्भुत सामथ्र्य है। दयानंद सरस्वती -1 के लिये ये छोटी-छोटी बातें इतनी महत्वपूर्ण होती हैं कि इनके कारण दयानंद सरस्वती -1 अपने सहकर्मियों को कभी-कभी परेशान कर देते हैं। दयानंद सरस्वती -1 किसी चहरे को कभी नहीं भूलते हैं, हांलाकि नाम याद रखने में दयानंद सरस्वती -1 अपेक्षाकृत उतने अचूक नहीं हैं।दयानंद सरस्वती -1 एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिसे सभी विषयों से जुड़े ‘क्यों व कहां’ जैसे प्रश्नों के उत्तर चाहिए होते हैं। जब तक दयानंद सरस्वती -1 इनसे संतुष्ट नहीं हो जाते है, दयानंद सरस्वती -1 कार्य प्रारम्भ नहीं करते हैं। साथ ही साथ कभी-कभी दयानंद सरस्वती -1 बड़ी चूक कर देते हैं, जिसके कारण लोग दयानंद सरस्वती -1 को ‘काम को टालनेे वाला’ समझते हैं।दयानंद सरस्वती -1 बहुत हीे संवेदनशील हैं और प्रायः आगे बढ़ने के अवसरों पर पीछे लौट जाते हैं। यह दयानंद सरस्वती -1 के नेतृत्व के गुण में बाधक है। दयानंद सरस्वती -1 अपने कार्य करने के कई तरीकों को नापसन्द करते हैं। निश्चय ही दयानंद सरस्वती -1 एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं।
दयानंद सरस्वती -1 सकारात्मक सोच वाले और आत्मविश्वासी व्यक्ति हैं। दयानंद सरस्वती -1 सदैव कार्यों के सही होने की आशा करते हैं व वर्तमान परिणाम को जाने देने की क्षमता रखते हैं। दयानंद सरस्वती -1 दयालु तथा सहिष्णु हैं, व्यावहारिक हैं एवं सूक्ष्म गहराइयों में जाकर किसी भी अवधारणा को पूर्णतः समझते हैं। जीवन के प्रति दयानंद सरस्वती -1 विश्वास और दार्शनिक दृष्टिकोण रखते हैं, जो कि जीवन मेें दयानंद सरस्वती -1 को कई मौके देता है और सफलता पाने में दयानंद सरस्वती -1 की मदद करता है।दयानंद सरस्वती -1 के अंदर गजब की फुर्ती है और दयानंद सरस्वती -1 जीवन में कुछ प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन अपने स्वयं के बनाए विरोधाभासों में फँस कर दयानंद सरस्वती -1 अपनी शिक्षा से विमुख हो सकते हैं। ऐसे में दयानंद सरस्वती -1 को इन सभी बातों को त्याग कर खुले दिल से सोचना चाहिए। दयानंद सरस्वती -1 को यह समझना चाहिए कि जो दयानंद सरस्वती -1 हैं, दयानंद सरस्वती -1 उससे भी बेहतर हो सकते हैं और उसके लिए दयानंद सरस्वती -1 को अपनी शिक्षा का दायरा बढ़ाना होगा। यदि दयानंद सरस्वती -1 एक योजना बना कर शिक्षा प्राप्त करेंगे तो दयानंद सरस्वती -1 को जबरदस्त सफलता हासिल होगी। दयानंद सरस्वती -1 जो कुछ भी जानते हैं उसे अन्य लोगों के समक्ष प्रस्तुत करना पसंद करते हैं। वास्तव में यहीं से दयानंद सरस्वती -1 सीखना प्रारंभ कर रहे हैं। क्योंकि जब दयानंद सरस्वती -1 थोड़ा भी जान जाते हैं और उसे लोगों के समक्ष प्रस्तुत करते हैं तो ऐसा करने से वह दयानंद सरस्वती -1 के चित्त की स्मृतियों में अंकित हो जाता है और यही दयानंद सरस्वती -1 को अपनी शिक्षा में मदद करता है। दयानंद सरस्वती -1 वास्तव में ऐसी शिक्षा प्राप्त करेंगे जो जीवन में दयानंद सरस्वती -1 को एक अच्छा मुकाम दिलाने में सहायक होगी और दयानंद सरस्वती -1 को मानसिक रुप से भी संतुष्टि प्रदान करेगी।
दयानंद सरस्वती -1 के माता-पिता दयानंद सरस्वती -1 के आध्यात्मिक गुरु की तरह कुछ विशेष लक्ष्य पाने के लिये दयानंद सरस्वती -1 को प्रभावित करते हैं। दयानंद सरस्वती -1 जो करना चाहते हैं उसको करने का प्रयास करें। दयानंद सरस्वती -1 अपने लिये प्रयास करें, न कि उनके लिये।