पोप बेनेडिक्ट XVI
Apr 16, 1927
4:15:00
Marktl
12 E 51
48 N 15
1
Web
संदर्भ (स.)
पोप बेनेडिक्ट सोळावा अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा अधिक चतुर हैं। और इसका मुख्य कारण यह है कि पोप बेनेडिक्ट सोळावा नई चीजों को कम प्रयास एवं शीघ्रता से सीखते हैं।समय-समय पर पोप बेनेडिक्ट सोळावा दिखाते हैं कि विलक्षण उपलब्धियों से विभूषित हैं, पोप बेनेडिक्ट सोळावा दूरदर्शी हैं, पोप बेनेडिक्ट सोळावा दयालु हैं, दानी हैं,मेहमान नवाज हैं। परन्तु हमारी सलाह है कि पोप बेनेडिक्ट सोळावा को अपनी क्षमताओं के अनुसार ही सोचना एवं काम करना चाहिये ताकि पोप बेनेडिक्ट सोळावा वह सब प्राप्त कर सकें जो पोप बेनेडिक्ट सोळावा चाहते हैं।यद्यपि पोप बेनेडिक्ट सोळावा एक विलक्षण व्यक्ति हैं परन्तु जब पोप बेनेडिक्ट सोळावा क्रोध के नियन्त्रण में होते हैं, मानसिक संतुलन खो देते हैं, शीघ्रता से चिढने जाते हैं और धैर्य खो बैठते हैं। ऐसे समय में पोप बेनेडिक्ट सोळावा को अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण करने का प्रयास करना चाहिये।स्वयं को दृढ-निश्चयी बनायें और इच्छाशक्ति का अपने अन्दर विकास करें।पोप बेनेडिक्ट सोळावा ख्याल रखने वाले व्यक्ति हैं लेकिन हमारी पोप बेनेडिक्ट सोळावा को सलाह है कि पोप बेनेडिक्ट सोळावा कों दूसरों का ज्यादा ख्याल रखें ताकि उन्हे पोप बेनेडिक्ट सोळावा का सहयोग ज्यादाप्राप्त हो सके। सिर्फ इसलिये नहीं कि पोप बेनेडिक्ट सोळावा इसका दिखावा कर सकें बल्कि इसलिये कि उन्हे पोप बेनेडिक्ट सोळावा की मदद मिल सके।
पोप बेनेडिक्ट सोळावा की भावनाएं और विचार सुसामंजस्यपूर्ण हैं, जो कि वास्तविकता पर पोप बेनेडिक्ट सोळावा की पकड़ मजबूत बनाते हैं। पोप बेनेडिक्ट सोळावा बहुत व्यावहारिक हैं, स्वयं को समझ सकते हैं एवं पोप बेनेडिक्ट सोळावा जो कहना चाहते हैं, युक्तिपूर्ण तरीके से कह सकते हैं। पोप बेनेडिक्ट सोळावा अपनी अन्तः प्रकृति में झांककर अपने अन्दर छुपे असंतोष के कारण को देख सकते हैं व उसे व्यक्त भी कर सकते हैं। हांलाकि पोप बेनेडिक्ट सोळावा व्यर्थ की चिंता करते हैं, इधर-उधर की बातों में समय नष्ट करते हैं और स्वयं के लिये भी दूसरों के समान ही आलोचक होते हैं।पोप बेनेडिक्ट सोळावा एक मेहनती और कुशाग्र बुद्धि के स्वामी हैं और पोप बेनेडिक्ट सोळावा जो प्राप्त करना चाहते हैं उसके लिए पोप बेनेडिक्ट सोळावा परिश्रम करेंगे और किसी भी हद तक मेहनत कर सकते हैं। पोप बेनेडिक्ट सोळावा की तीव्र बुद्धि पोप बेनेडिक्ट सोळावा को अपने क्षेत्र में सबसे आगे रखेगी और मेहनत के कारण पोप बेनेडिक्ट सोळावा हर विषय में पारंगत हो जाएंगे। पोप बेनेडिक्ट सोळावा को शास्त्रों में भी रुचि होगी और जीवन की सच्चाई से जुड़े विषय भी पोप बेनेडिक्ट सोळावा को अपनी ओर खींचेंगे। पोप बेनेडिक्ट सोळावा अपने जीवन में सभी सुखों को प्राप्त कर एक अच्छा जीवन व्यतीत करना चाहते हैं और पोप बेनेडिक्ट सोळावा जानते हैं कि उसके लिए क्या-क्या आवश्यक है। इसी वजह से पोप बेनेडिक्ट सोळावा अपनी शिक्षा को ही बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे और पोप बेनेडिक्ट सोळावा की मेहनत पोप बेनेडिक्ट सोळावा को आगे बढ़ाएगी। कभी-कभी पोप बेनेडिक्ट सोळावा क्रोध में आकर अपना ही नुकसान कर बैठते हैं, शिक्षा के मामले में पोप बेनेडिक्ट सोळावा को इससे बचकर रहना होगा क्योंकि एकाग्रता खोने के कारण पोप बेनेडिक्ट सोळावा को समस्या हो सकती है। हालांकि पोप बेनेडिक्ट सोळावा का तेज दिमाग पोप बेनेडिक्ट सोळावा को सिरमौर बनाएगा।
पोप बेनेडिक्ट सोळावा अपने वैवाहिक जीवन के आनन्द को सदैव हीे बढ़ाना चाहते हैं। यदि बाह्य तथ्यों से पोप बेनेडिक्ट सोळावा को यह लगता है कि भौतिक सम्पन्नता जीवन के लिये नितान्त आवश्यक है, तो पोप बेनेडिक्ट सोळावा उसे प्राप्त करने के लिये पूर्ण प्रयास करते हैं। पोप बेनेडिक्ट सोळावा का लक्ष्य चाहें कुछ भी हो, लेकिन कार्य ही पोप बेनेडिक्ट सोळावा के लिये प्रेरणा है। इसे जानते हुए, न कि इसका विरोध करते हुए इसका ठीक इस्तेमाल करें।