तुषार खंडेलकर
Apr 5, 1985
12:00:00
Jhansi
78 E 34
25 N 27
5.5
Unknown
अप्रामाणिक स्रोत (अ.स्रो.)
तुषार खंडकर एक व्यावहारिक और क्षमतावान व्यक्ति हैं, तुषार खंडकर की योग्यता पर कोई भी प्रश्नचिह्न नहीं लगा सकता। तुषार खंडकर अनुशासित हैं और व्यवस्था को पसन्द करते हैं। ये गुण तुषार खंडकर में पर्याप्त विकसित हैं और छोटी से छोटी बातों पर आवश्यकता से अधिक ध्यान देने के कारण तुषार खंडकर जीवन की बृहत उपलब्धियों को प्राप्त नहीं कर पाते।तुषार खंडकर संवेदनशील और सहृदय हैं। यदि तुषार खंडकर को पता लगे कि तुषार खंडकर का कोई निकट व्यक्ति अत्यन्त पीड़ा व दुःख में है, तो तुषार खंडकर तुरन्त उसकी सहायता हेतु पहुँच जाते हैं।तुषार खंडकर के अन्दर हिचकिचाहट है। यद्यपि तुषार खंडकर के भीतर संसार में अपना मार्ग बनाने की क्षमता है। तुषार खंडकर के अन्दर इतनी ऊर्जा है कि तुषार खंडकर सफलता की किसी भी सीड़ी पर चढ़ सकें। किन्तु तुषार खंडकर अपनी हिचकिचाहट के कारण अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते, जबकि अन्य कम क्षमतावान लोग वहां तक पहुंच जाते हैं। अतः तुषार खंडकर को अपनी काल्पनिक सीमाओं के बारे में सोचना नहीं चाहिए। तुषार खंडकर को यह मानकर चलना चाहिए कि तुषार खंडकर को सफलता मिलेगी हीे मिलेगी।तुषार खंडकर वास्तविक तथा व्यावहारिक सोच रखते हैं। तुषार खंडकर सदैव कुछ न कुछ प्राप्त करना चाहते हैं। तुषार खंडकर के अन्तःकरण में कुछ पाने की इच्छा सदैव दीप्तिमान रहती है। यह तुषार खंडकर को कभी-कभी व्यग्र बना देता है। लेकिन तुषार खंडकर को अपनी उपलब्धियों पर सदैव हीे गर्व रहता है।
तुषार खंडकर को प्रायः निराशा का सामना करना पडता है और तुषार खंडकर को अधिक की उम्मीद रहती है। तुषार खंडकर के इतने परेशान रहने के कारण तुषार खंडकर को जिन बातों का डर लगता है वह प्रायः घटित हो जाती हैं। तुषार खंडकर बहुत शर्मीले हैं, और स्वयं की अनुभूति एवं भावनाओं को व्यक्त करने में तुषार खंडकर परेशानी महसूस करते हैं। यदि तुषार खंडकर अपनी सारी सांसारिक समस्याओं को भूलकर प्रतिदिन कुछ क्षण ध्यान मुद्रा में बैठेंगे, तो पायेंगे कि दुनिया उतनी बुरी नहीं है जितनी प्रतीत होती है।तुषार खंडकर एक ही स्थान पर टिककर रहने वालों में से नहीं होंगे और इसी वजह से अधिक समय तक अध्ययन करना तुषार खंडकर को रास नहीं आएगा। इसका प्रभाव तुषार खंडकर की शिक्षा पर पड़ सकता है और उसके कारण तुषार खंडकर की शिक्षा में कुछ रुकावटें आ सकती है। अपने आलस्य पर विजय प्राप्त करने के बाद ही तुषार खंडकर शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। तुषार खंडकर के अंदर अज्ञात को जानने की तीव्र उत्कंठा है और तुषार खंडकर की कल्पनाशीलता तुषार खंडकर को अपने विषयों में काफी हद तक सफलता दिलाएगी। इसका दूसरा पक्ष यह है कि तुषार खंडकर को अपनी एकाग्रता को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए ताकि जब तुषार खंडकर अध्ययन करने बैठें तो तुषार खंडकर को किसी तरह की समस्या का सामना ना करना पड़े और तुषार खंडकर की स्मरण शक्ति भी तुषार खंडकर की मदद करे। यदि तुषार खंडकर मन लगाकर मेहनत करेंगे और अपनी शिक्षा के प्रति आशान्वित रहेंगे तो कितने भी व्यवधान आएं, तुषार खंडकर अपने क्षेत्र में सफल होकर ही रहेंगे।
तुषार खंडकर के माता-पिता तुषार खंडकर के आध्यात्मिक गुरु की तरह कुछ विशेष लक्ष्य पाने के लिये तुषार खंडकर को प्रभावित करते हैं। तुषार खंडकर जो करना चाहते हैं उसको करने का प्रयास करें। तुषार खंडकर अपने लिये प्रयास करें, न कि उनके लिये।